कंपिल/फर्रुखाबाद
जैन धर्म के 13वें तीर्थंकर भगवान विमलनाथ के चार कल्याणकों की साक्षी रही पावन स्थली कंपिल में भव्य वार्षिक रथयात्रा का आयोजन किया गया।
श्री 1008 विमलनाथ दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी की ओर से रविवार को धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ हुए, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
श्री कंपिल जी वार्षिक रथयात्रा समिति के प्रचार मंत्री कमल कुमार जैन ने बताया कि सोमवार सुबह श्रीजी के अभिषेक, शांतिधारा, संगीतमय विधान, ध्वजारोहण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ अतिथियों का सम्मान किया गया। इसके बादभव्य रथयात्रा मंदिर से निकाली गई। रथयात्रा के दौरान भक्तों ने भगवान की प्रतिमा के साथ बैठने और सारथी इंद्र व कुबेर बनने के लिए दान की बोलियां लगाईं, जिनमें ऊंची बोलियां लगाने वालों को यह सौभाग्य प्राप्त हुआ। भगवान विमलनाथ की मनोहारी प्रतिमा को सुसज्जित रथ में विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया। रथयात्रा में जैन ध्वजों से सजी गाड़ियां चल रही थीं, जिनके पीछे श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए नाचते-गाते आगे बढ़ रहे थे। सायंकालीन भक्ति संगीत और आरती के कार्यक्रम में श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
शोभायात्रा के दौरान दिगंबर जैन कमेटी के अध्यक्ष पुष्पराज जैन, सुशील जैन, पवन कुमार जैन, सर्वेश कुमार जैन, सुधीर जैन, अनुज जैन, संजय जैन, अनुराग जैन, आशीष जैन, कुलदीप सैनी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स मौजूद रहा।