आउटसोर्सिंग कंपनियों में भ्रष्टाचार का आरोप स्थानीय युवाओं के हक पर डाका, डाल रहे कथा कथित लोग।
दैनिक ईस्ट इंडिया टाइम्स मनोज कुमार सोनी ब्यूरो रिपोर्ट।



सोनभद्र,जिले में संचालित औद्योगिक व ऊर्जा परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं और विस्थापितों को रोजगार देने की प्रतिबद्धता के बावजूद, भी आउटसोर्सिंग कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए जिलाधिकारी महोदय को ज्ञापन सौंपा और अवैध भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की।परिषद ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया कि एनसीएल खड़िया परियोजना के अंतर्गत कार्यरत कलिंगा कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा आउटसोर्सिंग के माध्यम से हो रही भर्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। कंपनी के एचआर विभाग द्वारा स्थानीय बिचौलियों के माध्यम से 2-3 लाख रुपये की रिश्वत लेकर भर्ती की जा रही है। इस भ्रष्टाचार के कारण योग्य लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर उम्मीदवारों को बाहर कर दिया जाता है, जबकि रिश्वत देने वाले अयोग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जा रही है।
इस गंभीर विषय पर एबीवीपी के प्रदेश सहमंत्री शशांक मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “स्थानीय युवाओं के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जल्द ही अवैध भर्तियों पर रोक नहीं लगी और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी।”
विद्यार्थी परिषद ने प्रशासन से बिचौलियों पर कठोर कार्रवाई करने, अवैध भर्तियों को रद्द करने और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग की है। परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो बड़ा जनांदोलन होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की होगी।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस भ्रष्टाचार पर क्या कदम उठाता है, या फिर युवाओं को अपने हक के लिए सड़क पर उतरना पड़ेगा।
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