ईस्ट इंडिया टाइम्स रिपोर्ट संजीव कुमार सक्सेना

फर्रुखाबाद।
माफिया अनुपम दुबे व उसके साथी को आजीवन कारावास दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने वाली पुलिस ने जश्न मनाया है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह ने पुलिस टीम के साथ ही अभियोजन की टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। माफिया अनुपम दुबे व अन्य साथी शिशु उर्फ बालकिशन को पुलिस अधीक्षक फतेहगढ़ के नेतृत्व में फतेहगढ़ पुलिस टीम मानीटरिग सेल एवं अभियोजन पक्ष तथा कोर्ट पैरोंकार कोर्ट मुहर्रिर के द्वारा अथक प्रयास एवं प्रभावी पैरवी की 27 अगस्त को न्यायलय ईसी एक्ट कोर्ट द्वारा अभियुक्तगणों को दोष सिद्ध कर प्रत्येक को आजीवन कारावास व प्रत्येक को 1 लाख 3 हजार रुपये के अर्थ दण्ड से दण्डित कराया गया। इस सराहनीय उपलब्धि के लिए पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह व क्षेत्राधिकारी लाइन अजय कुमार वर्मा द्वारा अभियोजन पुलिस टीम को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक ने टीम के कार्य को भूरि भूरि प्रशंशा करते हुए कहा कि इस प्रकरण में पैरवी कर यह सिद्ध किया गया है कि प्रदेश पुलिस की कार्यकुशलता केवल कानून व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण तक ही सीमित नहीं है अपितु परस्पर समन्वय व सहयोग से हम दुर्दांत अपराधियों को उनकी स्वाभाविक परिणति तक पहुंचा सकते हैं। अभियोजन व पुलिस टीम की कुशल पैरवी से अन्य दुर्दांत अपराधियों में भय व्याप्त हुआ है। इस उत्कृष्ट कार्यप्रणाली से न केवल पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने में सहायता की है। बल्कि कानून व्यवस्था में आम जनमानस का विश्वास और मजबूत किया है कि वह भय मुक्त होकर निडरता के साथ अपराधियों के विरुद्ध अपनी शिकायत को पुलिस के पास पहुचा सकते हैं। इस प्रकार की पेशेवर प्रतिबद्धता एवं समर्पण से ही समाज में न्याय की स्थापना और भय संभव हो सकता है। अभियोजन टीम में नियुक्त अधिकारीगणो में जिला शासकीय अधिवक्ता सुदेश कुमार, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता हरिनाथ सिंह, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक सक्सेना, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता श्रवण कुमार, जनपदीय पुलिस टीम में नियुक्त अधिकारी व कर्मचारीयों में निरीक्षक आमोद कुमार सिंह (प्रभारी माफिया सेल), निरीक्षक रणविजय सिंह (प्रभारी कोतवाली फतेहगढ़), निरीक्षक गोविन्द हरि वर्मा (वाचक पुलिस अधीक्षक), उ0नि0 बलराज भाटी (पूर्व थाना अध्यक्ष मऊदरवाजा), शैलेन्द्र सिंह (पैरोकार फतेहगढ़), श्याम सिंह (पैरोकार फतेहगढ़), अजय कुमार (मानिटरिग सेल), सचेंद्र सिंह (सर्विलांस सेल), गौरव यादव (अभियोजन कार्यालय) सम्मिलित हुए।