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ईस्ट इंडिया टाइम्स रिपोर्ट सुधीर सिंह

संकिसा/फर्रुखाबाद
बुद्ध नगरी संकिसा में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में वक्ताओं ने पालि एवं प्राकृत साहित्य में निहित मानवीय एवं आर्थिक मूल्यो की प्रासंगिकता पर चर्चा की।मैनपुरी के महाबोधि महाविद्यालय मैनपुरी एवं उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ के तत्वावधान में पालि एवं प्राकृत साहित्य में निहित मानवीय एवं आर्थिक मूल्यो की प्रासंगिकता विषय महाबोधि ग्रुप आफ एजूकेशन के प्रबंधक गिरन्द सिंह शाक्य के संरक्षण एवं महाबोधि महाविद्यालय कुसमरा के प्राचार्य डॉ नेत्रपाल सिंह ( भिक्षु धम्मपाल थेरो ) के समन्वयन में आज एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन राजघाट संकिसा स्थित शाक्यमुनि बुद्ध विहार में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ।अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रबन्धक गिरन्द सिंह शाक्य ने मानवीय एवं आर्थिक मूल्यो की स्थापना में पालि एवं प्राकृत की भूमिका पर बल दिया। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा के बौद्ध अध्धयन एवं सभ्यताप संकाय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ ज्ञानादित्य शाक्य ने अपने वक्तव्य में पालि साहित्य में वर्णित आर्थिक दर्शन की प्रासंगिकता पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला डॉ धम्मदीप वानखेड़े ( असिस्टेंट प्रोफेसर बौद्ध अध्धयन विभाग दिल्ली विश्वविद्यालय दिल्ली ) ने पालि साहित्य में वर्णित विपश्यना के उपादेयता पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्राकृत साहित्य की प्रासंगिकता पर चर्चा की। डॉक्टर उपानन्द थेरो ( असिस्टेंट प्रोफेसर अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ ) ने पालि साहित्य में वर्णित मानवीय मूल्यों की उपादेयता पर अपने विचार रखे। भंते ज्ञानालोक ने ( विहाराधिपति बुद्ध विहार रिसालदार पार्क लखनऊ )के महत्व पर अपने विचार रखे। समन्वयक डॉ भिक्षु धम्मपाल थेरो ने‌ संगोष्ठी की विषयवस्तु एवं उद्देश्य की चर्चा करते हुए कहा कि इस एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन का मूल उद्देश्य शोधार्थियों, विधार्थियों एवं आम जनमानस को पालि एवं प्राकृत साहित्य में वर्णित मानवीय एवं आर्थिक मूल्यो से अवगत कराना है। उन्होंने वित्तीय सहयोग हेतु उत्तर प्रदेश सरकार संस्कृत संस्थान के निदेशक विनय श्रीवास्तव के प्रति आभार व्यक्त किया।उन्होंने संगोष्ठी के सफल आयोजन में उल्लेखनीय भूमिका निभाने हेतु संकिसा भिक्षु संघ संकिसा श्रीकांत शाक्य आदि के प्रति आभार व्यक्त किया। संगोष्ठी का शुभारंभ सभी अतिथियों द्वारा भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्पण से हुआ। तत्पश्चात भिक्षु संघ द्वारा बुद्ध वन्दना एवं परितपाठ किया गया। इस अवसर पर डॉ भिक्षु धम्मपाल थेरो ने‌ स्वागत भाषण दिया तथा सम्मानित विद्वानो एवं अतिथियों को सम्मानित भी किया।

By jamal

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