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राष्ट सेवा के जज्बे से सिरसली की विप्रिया सीआईएसएफ में इंस्पेक्टर बनी

रिपोर्ट सुदेश वर्मा

बागपत/ बडौत बिनौली ब्लॉक के सिरसली गाँव की बेटी राष्ट्र सेवा के जज्बे से सिरसली की विप्रिया
सीआईएसफ में बनी सब इंस्पेक्टर
विप्रिया के सिर से उठा पिता का साया फिर भी नहीं मानी हार
कठिन परिश्रम से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में सब इंस्पेक्टर बनकर बनी महिला सशक्तिकरण की मिसाल
सिरसली गांव की विप्रिया आर्या के पिता की पढ़ाई के दौरान कैंसर से मौत हो गई। इसके बाद भी उसने हार नहीं मानी, राष्ट्र सेवा के जज्बे के साथ कठिन परिश्रम जारी रखा। एसएससी की सीपीओ परीक्षा दी। जिसमे अच्छी मेरिट हासिल कर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में सब इंस्पेक्टर बनकर महिला सशक्तिकरण की मिसाल कायम कर रही है।
ऐसे प्राप्त की शिक्षा
सिरसली गांव की विप्रिया
आर्य ने नर्सरी से बारहवीं तक की शिक्षा पास में ही जिवाना के गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद सोनीपत जनपद के खानपुर कस्बे में में स्थित भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय से वर्ष 2011 में बीटेक करने चली गई।
पिता की मौत के बाद भी नहीं मानी हार
बीटेक करते समय वर्ष 2013 में पिता विवेक आर्य की लंबे समय लिवर कैंसर से जूझने के बाद मौत हो गई। पिता का सिर से साया उठने के बाद भी विप्रिया ने
हार नहीं मानी। वर्ष 2015 में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशंस ब्रांच से
बीटेक की डिग्री हासिल की।
राष्ट्र सेवा के लिए वर्दी पहनने का जगा जज्बा
विप्रिया को बचपन से ही वर्दी पहनकर राष्ट्र सेवा करने का जुनून था। अपने जुनून को साकार करने के लिए उसने एसएससी सीपीओ की तैयारी शुरू की। वर्ष 2016 में एसएससी की सीपीयू परीक्षा दी। परीक्षा में पास होने के बाद कठिन शारीरिक दक्षता परीक्षा भी पास की। इसके बाद वर्ष 2018 में मेरिट जारी हुई। जिसमें अच्छी रैंक मिलने के चलते केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में सब इंस्पेक्टर पद के लिए चयनित होकर अपने जज्बे को हकीकत में बदला। हैदराबाद में ट्रेनिंग पूरी करने के बाद कोयंबटूर एयरपोर्ट पर पहली नियुक्ति मिमिल वहां चार वर्ष तक सेवा दी। इस समय वह गोवा एयरपोर्ट पर कार्यरत है।
दादा को दिया वचन निभाया
पिता की मौत के बाद परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। चार भाई बहनों में मझली विप्रिया ने परिवार को संबल दिया। उसने अपने दादा रिटायर्ड इंजीनियर राजपाल आर्य को वचन दिया कि वह एक दिन अपनी मेहनत से अपने पैरों पर खड़ी होकर रहेगी और वर्दी पहनकर देश की सेवा करते हुए मां-बाप का नाम रोशन करेगी। जिसका परिणाम यह रहा की उसने जज्बे और जुनून से सीआईएसफ में सब इंस्पेक्टर बनकर जहां दादा को दिया वचन निभाया वहीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल भी कायम की।
विप्रिया की इस उपलब्धि पर सवजन के अलावा गांव गांव वाले भी गर्व महसूस करते हैं।

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