ईस्ट इंडिया टाइम्स रिपोर्ट मुजीब खान

शाहजहांपुर / दो दिन पूर्व थाना रोजा क्षेत्र की दुर्गा इंक्लेव कालोनी निवासी कारोबारी सचिन ग्रोवर और उनकी पत्नी देवांशी ने अपने 3 वर्षीय पुत्र को जहर देकर मारने के बाद पति पत्नी ने खुद फांसी लगा ली थी मरने से पूर्व दम्पत्ति द्वारा अपनी ससुरालियों के मोबाइल पर एक 33 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़कर कर कर्ज में डूबे होने और सूदखोरों के आतंक से परेशान होकर मृतक परिवार ने आत्महत्या करने की बात कही थी साथ मृतक द्वारा जिन लोगों द्वारा ज्यादा परेशान किया जा रहा था या यह कहा जाए कि प्रतिदिन ब्याज की मोटी रकम वसूल रहे थे उनके नाम भी लिखे थे जिस पर मृतक की सास संध्या देवी द्वारा सुसाइड नोट के आधार पर तीन लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है।जिसमें पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने बताया कि तीन लोगों के नामजद और एक अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमों का गठन किया गया जो आरोपियों की तलाश में लगी है मृतक की सास की तहरीर पर मुकदमे में तीनों पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने और धमकाने का आरोप है। हैंडलूम कारोबारी सचिन ग्रोवर की सास संध्या मिश्रा की ओर से दर्ज रिपोर्ट में कहा गया है कि दामाद सचिन ग्रोवर ने अपने हैंडलूम व्यवसाय के लिए थाना सदर बाजार क्षेत्र की रामनगर कॉलोनी निवासी शैंकी आनंद, विक्की बग्गा और चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चौक निवासी देवांग खन्ना से ब्याज पर रुपये उधार लिए थे। ये तीनों मनचाहा ब्याज वसूलते थे। संध्या मिश्रा ने आरोप लगाया कि तीनों आरोपी बेटी व दामाद को प्रताड़ित करने के साथ बेइज्जती करने की भी धमकी देते थे। इसी से परेशान होकर बेटी शिवांगी व दामाद सचिन ने चार साल के अपने बेटे फतेह को जहर पिलाने के बाद फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। संध्या देवी ने दर्ज एफआईआर में बताया है कि इसके लिए कई जिम्मेदार हैं। यह बात सुसाइड नोट के आधार पर उन्होंने एफआईआर में भी कही है। नामजदों की तलाश में लगाई गई टीमें अब उन अज्ञात जिम्मेदारों का भी पता लगा रही हैं। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व शिवांगी के नाम पर दर्ज कार को सूदखोर ने सरेराह सचिन से छीन लिया था। उनकी मौत के बाद भी परिवार को कार वापस नहीं मिली है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में घटना करीब रात एक बजे के करीब बताई गई
आपको बताते चले कि बुधवार सुबह दंपती के शव कमरे में लटके मिले थे। मासूम का शव बेड पर पड़ा मिला था।
बुधवार की दोपहर करीब एक बजे सबसे पहले बच्चे फतेह का पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद करीब दो बजे शिवांगी और फिर तीन बजे सचिन का पोस्टमॉर्टम किया गया। बताया जा रहा है कि पोस्टमॉर्टम होने से करीब 13-14 घंटे पहले की घटना है। इससे साफ है कि दंपती ने रात एक-दो बजे के बीच घटना को अंजाम दिया है।