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कलिंगा कंपनी के अधिकारीयों एवं कथित दलालों द्वारा नौकरी का किया जा रहा बंदर वाट।

एनसीएल परियोजना में घूसखोरी भ्रष्टाचार का है गढ़ आखिर क्यों।

दैनिक ईस्ट इंडिया टाइम्स मनोज कुमार सोनी ब्यूरो रिपोर्ट

सोनभद्र,शक्तिनगर एनसीएल खड़िया परियोजना में ओबी कंपनी (मिट्टी हटाने का कार्य करने वाली कंपनी) कलिंगा के आते ही नौकरी दिलाने को लेकर कई सफेदपोशाक नेता समेत कई दलाल सक्रिय हो चुके है। एनसीएल समेत कंपनी में दबाव बनाने में जुट चुके है। हद तो तब हो गई जब नौकरी करने से ज्यादा नौकरी दिलाने को लेकर कई सफेद पोशक चेहरे देखने को मिल रहे है।इन दिनों शक्तिनगर समेत आसपास के क्षेत्रों में स्थित चट्टी चौराहों पर कलिंगा का नाम चर्चा का विषय बना हुआ है।और नौकरी दिलाने और मांगने वालों की होड़ लग चुकी है। सूत्रों की माने तो इस बार दो से ढाई लाख रुपए में नौकरी दिलाने वाले की मांग है।कंपनी के लोगो से साठ गांठ बनाने को लेकर कई परिक्षेत्र के सफेदपोश अलग अलग बैठक और पैंतरे अपनाने में जुट गए है। इस पूरे खेल में एनसीएल खड़िया परियोजना के बड़े अधिकारी भी शामिल में है।जिन्हें फिर एक बार मोटी रकम कमाने का सुनहरा मौका मिला है। सूत्रों की माने तो एनसीएल खड़िया परियोजना के अधिकारी और कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर द्वारा लोगो को कोटा वितरित किया जा रहा है।बता दे कि एनसीएल परियोजना में घूसखोरी आम बात बन चुकी है। घुस का हिस्सा भी खेल में शामिल सभी लोगों को मिलता है जी हां एनसीएल परियोजना में भ्रष्टाचार और घूसखोरी को लेकर वर्ष में तकरीबन दो से तीन बार सीबीआई की छापामारी भी होती है।और भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी को रंगेहाथ गिरफ्तार भी करती है लेकिन परियोजना में घूसखोरी की जड़ इतनी मजबूत है कि उसे सीबीआई भी अब तक हिला नहीं पाई है। ऐसे में एनसीएल परियोजना के भ्रष्ट अधिकारियों की घूसखोरी का तरीका अब कंपनी के अधिकारीयों और कर्मचारी भी सिख चुके है।नौकरी देने दिलाने के नाम पैसे लेने लगे है।बीते दिनों कलिंगा में नौकरी दिलाने को लेकर एक ऑडियो भी वायरल हुआ था जिसमें नौकरी दिलाने को लेकर पैसा लेनदेन और नौकरी दिलाने की बात की जा रही थी। वहीं पूर्व में सिंगरौली में स्थित झींगुरदा परियोजना में कलिंगा कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर भी पैसे लेकर नौकरी कंपनी के अधिकारी के खाते में लेनदेन भी किया गया था लेकिन इसके पुष्टि हम नहीं करते हैं। यही प्रोजेक्ट मैनेजर के ऊपर लगे आरोप पर कार्रवाई भी हो रही है। सूत्रों को माने तो इस कालिंग कंपनी में कई और ऐसे लोग हैं जो समाज में सफेद पोशाक पहनकर पैसे लेकर नौकरी बेचते हैं और चंद दिनों में रोड़ पति से होकर करोड़पति बन जाते हैं। इसके कुछ ही दिनों पूर्व शक्तिनगर थाना अंतर्गत बीना चौकी क्षेत्र में रहने वाले एक पीड़ित व्यक्ति द्वारा एक एनसीएल के कर्मचारियों पर नौकरी के नाम पर नौ लाख लेने और नौकरी ना दिलाने का वीडियो बनाकर जहरीली पदार्थ पी लिया गया था साथ ही उसने पुलिस पर भी आरोप लगाया था कि पुलिस इस मामले में मुकदमा नहीं दर्ज कर रही है वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया। पीड़ित व्यक्ति को डॉक्टर द्वारा किसी प्रकार बचा लिया गया है। बता दें कि कलिंगा कंपनी के आने के बाद नौकरी दिलाने के नाम पर फिर से एक बार कई सफेद पोस मोटी रकम लें रहें हैं और नौकरी बेंच रहे हैं। हालांकि कई छोटे-छोटे संगठन द्वारा इस धांधली पर विरोध जताया था लेकिन जिस तरह से नौकरी का बंदर बाट कर रहे हैं हमें लगता है कि विस्थापित प्रभावित बेरोजगारों को रोजगार नहीं मिल पाएगा। लेकिन यह मुहिम लगातार चलता ही रहेगा सूत्रों की माने तो कलिंगा कंपनी में एक ही परिवार से दो लोग लगे हैं 2 लाख 50 हजार रुपए तक दें कर पर व्यक्ति बहुत जल्द इस खबर को भी विस्तार से मनोज सोनी पत्रकार द्वारा चलाया जाएगा वह व्यक्ति कहां के हैं और किसके माध्यम से लगे हैं। जिस तरह से पूर्व में खड़िया परियोजना में पुलिस और नेताओं का कोटा का लिस्ट हमारे द्वारा सार्वजनिक किया गया था और उसे पर उच्च अधिकारीयों द्वारा कार्रवाई भी जबरदस्त किया गया था उसी तरह इस बार भी इस मुहिम को मैं छोड़ दिया हूं क्या समय रहते हुए इस मामले को सक्षम अधिकारीयों द्वारा गंभीरता से लेंगे या कोई और घटना का इंतजार करेंगे।

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