किसानों का गुस्सा फूटा, समस्यायों को लेकर तहसील में किया प्रदर्शन
ईस्ट इंडिया टाइम्स रिपोर्ट आदिल अमान

कायमगंज/फर्रुखाबाद
अखिल भारतीय किसान यूनियन की किसानों ने तहसील में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल किसानों ने केंद्र और पंजाब सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए अपनी मांगों को उठाया।
किसानों ने पंजाब में आंदोलन कर रहे किसान नेताओं की गिरफ्तारी और प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पंजाब सरकार गिरफ्तार किसान नेताओं को रिहा नहीं करती, तो देशव्यापी किसान आंदोलन छेड़ा जाएगा। किसानों ने बीज वितरण में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि नबावगंज ब्लॉक के कृषि अधिकारी केवल अपने चहेतों को मुफ्त बीज बांटते हैं, जबकि बाकी किसानों को इसकी सूचना तक नहीं दी जाती।
इसके अलावा, शमसाबाद ब्लॉक के ग्राम पंचायत पसियापुर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा राशन वितरण में अनियमितता का आरोप भी लगाया गया। किसानों ने साधन सहकारी समिति बरविकू के सचिव पर किसानों के शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी शिकायतों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अगर हमें न्याय नहीं मिला तो आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा
किसानों ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत मिलने वाले ऋण न मिलने की भी शिकायत की। उन्होंने उत्तर प्रदेश में अंश निर्धारण के नाम पर हो रहे उत्पीड़न को रोकने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। अंत में किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी रवींद्र सिंह को सौंपा और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन पर बैठक किसान नेता प्रेमचंद्र सक्सेना, बाबूराम पाल, रोहित गंगवार, नौरंगीलाल, नीरज,जयदेव सिंह शाक्य आदि मौजूद रहे।
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