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श्रीमद भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव रिक्खापुर्वा में पहुंचे समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण कंस वध की लीला सुनकर मंत्रमुग्ध हुए श्रोता

ईस्ट इंडिया टाइम्स राजेन्द्र सिंह धुऑंधार

कन्नौज। रिक्खापुर्वा (ठठिया) गांव में काली माता मंदिर में हो रही श्रीमद् भागवत कथा में शनिवार को शाम को समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने अपने समर्थकों के साथ कथा का रस पान किया। श्रीधाम वृन्दावन के कथावाचक पंडित विशाल मिश्रा ने कंस वध के प्रसंग का वर्णन सुंदर ढंग से किया। जिसको सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो उठे। जयकारे की गूंज पूरे पंडाल में गूंजती सुनाई दी। राधा-कृष्ण की मनोहारी झांकी भी प्रस्तुत की गई, जिसको देख भक्तगण भाव विभोर हो उठे।
श्रीधाम वृन्दावन के कथावाचक पंडित विशाल मिश्रा ने कंस वध की कथा सुनाते हुए कहा कि कंस ने मथुरा में आतंक मचा रखा था। भगवान कृष्ण ने उसका वध कर आतंक से मुक्ति दिलाई। दुष्ट कंस के बुलाने पर श्रीकृष्ण अपने बड़े भाई दाऊजी के साथ मथुरा पहुंचे। जहां उनके दर्शन के लिए लोग उमड़ पड़े। मल्ल युद्ध के बाद श्रीकृष्ण ने कंस का वध किया। भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा। आचार्य ने ऊधो-गोपी संवाद का भी मार्मिक ढंग से वर्णन किया। कहा कि कृष्ण के कहने पर ऊधो गोकुल पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि गोपियां श्रीकृष्ण के विरह में डूबी हैं। ऊधो ने गोपियों को समझाया कि श्रीकृष्ण तो निर्गुण, निराकार और सर्वव्यापक हैं। फिर वे उनके विरह में पागल क्यों हो रही हैं। यह सुन गोपियां ऊधो पर बरस पड़ती हैं और कहती हैं कि अपने ज्ञान को अपने पास रखें। हम तो सगुण, साकार कन्हैया के उपासक हैं। श्रीधाम वृन्दावन के कथावाचक पंडित विशाल मिश्रा ने बताया कि रुकमणी जिन्हें माता लक्ष्मी का अवतार माना जाता है। वह विदर्भ साम्राज्य की पुत्री थी, जो विष्णु रूपी श्रीकृष्ण से विवाह करने को इच्छुक थी। लेकिन रुकमणी जी के पिता व भाई इससे सहमत नहीं थे, जिसके चलते उन्होंने रुकमणी के विवाह में जरासंध और शिशुपाल को भी विवाह के लिए आमंत्रित किया था, जैसे ही यह खबर रुकमणी को पता चली तो उन्होंने दूत के माध्यम से अपने दिल की बात श्रीकृष्ण तक पहुंचाई और काफी संघर्ष हुआ युद्ध के बाद अंततः श्री कृष्ण रुकमणी से विवाह करने में सफल रहे। काली माता मंदिर रिक्खापुर्वा में श्रीमद भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव के परीक्षित नीलेश कुमार एवं श्रीमती किरन तिवारी सहित
रामजी अग्निहोत्री, राकेश तिवारी, शैलेन्द्र तिवारी, लल्ला अवस्थी,राजन अवस्थी, रोहित तिवारी, जितेन्द्र तिवारी,गौरव त्रिवेदी,रिशू बाजपेई, कन्हैया पाठक,अनुज त्रिवेदी,सुंदरम मिश्रा,अन्नू दीक्षित, नीतेश तिवारी, रामशंकर त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।

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