ईस्ट इंडिया टाइम्स राजेन्द्र सिंह धुऑंधार

कन्नौज। बीते पांच वर्षों से कैंसर जैसी बीमारी और दर्द से जूझ रहे एक ग्रामीण किसान ने नहर में छलांग लगा दी। घटना की सूचना पर हड़कंप मच गया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों द्वारा नगर में डूबे किसान की तलाश शुरू करवा दी थी।
बताते चलें कि, औरैया जिले के एरवा कुहली गांव निवासी 55 वर्षीय शिवराम बॉथम बीते 5 वर्षों से कैंसर जैसी बीमारी और दर्द से परेशान थे।
शनिवार को शिवराम अपने पुत्र सचिन के साथ रोहिली देवी मंदिर दर्शन करने को आए थे।
इसी बीच जब सचिन मंदिर में दर्शन करने गए तभी उनके पिता शिवराम अचानक लापता हो गए।
सुबह 11 बजे के करीब
खोजबीन पर जैसे ही सचिन स्थानीय क्षेत्र के निकट से गुजरी नहर के निकट पहुंचे तो वहां लगी भीड़ से पता चला कि, कोई ग्रामीण नगर में कूद गया है। नहर की पट्टी पर पड़ी चप्पलें देखकर सचिन ने चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया। भीड़ द्वारा पूछने पर सचिन ने नहर में डूबने वाले की पहचान अपने पिता के रूप में बताई। मामले की जानकारी सचिन ने अपने परिजनों को दी, जिसके बाद मौके पर नहर में डूबे किसान की पत्नी राजेश्वरी और अन्य परिजन भी पहुंचे। मामले से स्थानीय पुलिस को भी अवगत कराया गया। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई लेकिन सफलता नही मिली। जिसके बाद कन्नौज के मानीमऊ से गोताखोरों को ग्रामीण की तलाश के लिए लगाया गया। फिलहाल लापता किसान की तलाश जारी थी, वहीं परिजनों का रो रो कर बुरा हाल था।
सचिन ने बताया कि वह परिवार में तीन भाई हैं, पिता शिवराम बीते 5 वर्षों से कैंसर जैसी बीमारी से लड़ रहे थे, बीमारी से दर्द को बर्दाश्त नहीं कर पाते थे। मंदिर दर्शन को आने के दौरान पिता ने किसी समय उपरोक्त प्राणघातक कदम उठा लिया।
खबर लिखे जाने तक किसान की तलाश जारी थी, वहीं परिजनों का हाल बेहाल था।