रिपोर्ट मुजीब खान

शाहजहांपुर / तहरीक दावते इस्लामी इण्डिया की ओर से 12 रबी उन नूर शरीफ के मुबारक मौके पर निकलने वाला जुलूसे मीलाद हर साल की तरह इस साल भी 5 सितम्बर बरोज जुमा सुबह 8 बजे, रेलवे स्टेशन के सामने वाली नूरी मस्जिद से रवाना होगा जिसको शहर पेश इमाम हजरत मौलाना हुजूर अहमद मंजरी साहब हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे ।
उपरोक्त जानकारी आज एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में जिला निगरां हाफिज मोहम्मद अनीस अत्तारी ने दी उन्होने कहा कि इस साल ईद मिलादुन्नबी, इस्लाम के आखिरी पैगम्बर का 1500वां यौमें विलादत (जन्मदिन) है और यह हमारे लिए बहुत खुशनसीबी की बात है कि हमारी इस पीढ़ी को इस एतिहासिक अवसर को मनाने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने बताया कि जुलूस रवाना होने से पहले रेलवे स्टेशन वाली मस्जिद के पास मैरिज लान में कदमे रसूल व अन्य तबर्रुकात की जियारत कराई जाएगी, इस दौरान इज्तिमा ए मीलाद का सिलसिला भी जारी रहेगा। और हमेशा की तरह इस साल भी जुलूसे मिलाद अपने पारम्परिक रास्तों से होता हुआ मोहल्ला अंटा अंजान चौकी के पीछे कटहल वाली मस्जिद में इज्तेमाई दुआ के साथ संपन्न होगा। क्योंकि इसबार मिलादुन्नबी जुमा के दिन है इसलिए नूरी मस्जिद में नमाज़ का टाइम 2 बजे रखा गया है ताकि किसी की नमाज न छूटे। उन्होने अपील की है कि जुलूस में आने वाले सभी लोग जुलूस में अदबो एहतराम के साथ दुरूदे पाक और नाते रसूल पढ़ते हुए और सरकार की आमद के नारे लगाते हुए चले. रास्ते में आने-जाने वाले मुसाफिरों व मरीजों को रास्ता दें। और सभी से गुजारिश है कि दुआ में सभी लोग खुसूसी तौर पर शरीक हों।
उन्होंने खास तौर पर इस साल भी लंगर बांटने वालो से गुजारिश की है कि रिज्क की बेअदबी करने से बचें और लंगर को फेंकने के बजाय सीधे लोगों के हाथों में ही तकसीम करें।सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए इस वर्ष धार्मिक स्थलों के पास तैनात वालंटियर सुरक्षा जैकेट में नजर आयेंगे। डीजे म्यूजिक तथा बड़े वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। प्रेस वार्ता में हाफिज मोहम्मद अनीस अत्तारी के अतिरिक्त नाजिम अत्तारी, सरताज अत्तारी व रिजवान अत्तारी उपस्थित थे।
इस्लामी झंडों के अलावा किसी अन्य देश के झंडे का जुलूस में न करें प्रदर्शन : अनीस अत्तारी
दावते इस्लामी के जिला निगरा अनीस अत्तारी ने जुलूस में शामिल होने वाले सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि देखा गया है कि जुलूस के दौरान इस्लामी झंडों के साथ कुछ लोग अन्य देशों के झंडे लेकर चलते है तो उनसे अपील है कि अपने देश भारत और इस्लामी झंडों के अलावा किसी अन्य देश के झंडे का प्रदर्शन जुलूस के दौरान न करे क्योंकि हम सभी अमन पसंद लोग है और यही हमारी पहचान है और हम लोग अपने देश के अलावा किसी अन्य मुल्क से प्रेम नहीं करते इस लिए अपने देश और अपने इस्लाम के परचम को ही बुलंद करें।